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गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके लिठकैसे खतरनाक हो सकता है पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤†
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के नौ महीनों में कई तरह के बदलाव और जटिलताà¤à¤‚ सामने आती हैं जिनमें से à¤à¤• पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† (Placenta Previa) à¤à¥€ है। जानिठपà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में होने वाली इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में
पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† कà¥à¤¯à¤¾ है
पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा यानी अपरा गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर विकसित होने वाली संरचना है। इससे गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠको ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और पोषण मिलता है। पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के जरिठशिशॠसे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है। अधिकतर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं में पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के ऊपर या साइड से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है।
जब पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा आंशिक रूप से या पूरी तरह से मां की गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को ढक लेती है तो पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥â€à¤¨ होती है। पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† की वजह से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी और डिलीवरी के दौरान गंà¤à¥€à¤° बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है।
कà¥â€à¤¯à¤¾ है पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤†
पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† में हो सकता है कि आपको पूरी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी और डिलीवरी के दौरान बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° à¤à¤¸à¥‡ काम करने से मना कर सकते हैं जिससे संकà¥à¤šà¤¨ पैदा हो सकता हो। इसमें सेकà¥â€à¤¸, कपड़े धोना, टेंपन का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² आदि शामिल है।
वहीं, à¤à¤¾à¤—ने और कूदने से à¤à¥€ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग का खतरा बढ़ सकता है। यदि पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† ठीक न हो तो सिजेरियन डिलीवरी करवाने की जरूरत होगी।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के हर महीने में अलग वजह से होती है थकान, जानिठराहत पाने के तरीके
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को जलà¥â€à¤¦à¥€ थकान हो सकती है, इनमें दिनà¤à¤° में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की कमी रहती है या काम पर धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने में à¤à¥€ दिकà¥â€à¤•त होती है। हालांकि, समय के साथ यâ€à¤¹ ठीक हो जाता है।
हर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी अलग होती है और कà¥à¤› महिलाओं को बहà¥à¤¤ आसानी से थकान हो सकती है जबकि हो सकता है कि कà¥à¤› महिलाओं को हमेशा थकान महसूस न हो। हर महिला में थकान का कारण अलग होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की हर तिमाही में थकान का कारण अलग हो सकता है। जानिठकैसे :
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ नामक हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ तेजी से बढ़ता है। ये पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ लेवल को कम कर देता है।
शरीर में आयरन की कमी या लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ के कम होने के कारण à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में थकान हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही में थकान चली जाती है लेकिन कà¥à¤› महिलाओं को तीसरी तिमाही तक थकान रह सकती है।
दूसरी तिमाही में कà¥à¤› महिलाओं को बार-बार पेशाब आने की शिकायत रहती है। इस वजह से रात में बार-बार नींद टूटती है और सà¥à¤¬à¤¹ उठने पर थकान रहती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के इन आखिरी तीन महीनों में वजन बढ़ जाता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार à¤à¥€ फैलने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में घर के मामूली काम करने में à¤à¥€ दिकà¥â€à¤•त आती है और महिलाà¤à¤‚ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जलà¥â€à¤¦à¥€ थक जाती हैं।
गरà¥à¤ में बढ़ रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खून और पोषण की जरूरत होती है। इस वजह से à¤à¥€ आखिरी महीनों में थकान बढ़ जाती है।
इसके अलावा मेटाबोलिजà¥â€à¤® बढ़ने, तनाव, दरà¥à¤¦, अनिदà¥à¤°à¤¾, बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° या किसी अनà¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण à¤à¥€ तीसरे सेमेसà¥â€à¤Ÿà¤° में थकान हो सकती है
जीवनशैली में कà¥à¤› बदलाव करने से थकान को दूर करने में मदद मिल सकती है, जैसे कि :
हलà¥â€à¤•े वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे कि पैदल चलना। योग और धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ से à¤à¥€ मदद मिल सकती है।थकान को दूर करने के लिठदिन में à¤à¤ªà¤•ी जरूर लें।शरीर में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बनाठरखने के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लें और खूब पानी पिà¤à¤‚।गैर-जरूरी या तनावपूरà¥à¤£ कारà¥à¤¯ करने से बचें।आरामदायक पोजीशन में सोने की कोशिश करें। (यह à¤à¥€ पढ़ें : जानिठकिस करवट आà¤à¤—ी आपको Pregnancy में बेहतर नींद)गैर-पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें और कैफीन का सेवन न करें। इसकी बजाय पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार लें और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ शराब से दूर रहें।
इस मामले में आपको अपने शरीर की बात सà¥à¤¨à¤¨à¥€ चाहिà¤à¥¤ अगर दोपहर में नींद आ रही है तो à¤à¤ªà¤•ी जरूर लें। सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤• खाने का मन कर रहा है तो कà¥à¤› हेलà¥â€à¤¦à¥€ खा लें। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में थकान को दूर करने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ आराम करना à¤à¥€ जरूरी है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में होने वाली थकान का असर गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠपर नहीं पड़ता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में शरीर में आठबदलावों की वजह से ही थकान होती है और इसे लेकर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंता करने की जरूरत नहीं है।
पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† का किसे है खतरा
200 गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में से à¤à¤• को पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† होता है। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ या कोकीन लेने वाली, 35 या इससे अधिक उमà¥à¤° की गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं, पहले सिजेरियन डिलीवरी करवा चà¥à¤•ी महिलाओं, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की कोई अनà¥â€à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार की सरà¥à¤œà¤°à¥€ या गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ या इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‡ होने पर पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† का खतरा रहता है।
पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† के लकà¥à¤·à¤£
अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से ही पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला में पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† का पता चलता है। इसका सबसे सामानà¥â€à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के साढ़े चार महीने के बाद योनि से लाल रंग का खून आना शामिल है। इसमें हलà¥â€à¤•े से à¤à¤¾à¤°à¥€ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है और अकà¥â€à¤¸à¤° दरà¥à¤¦ à¤à¥€ नहीं होता है। कà¥à¤› महिलाओं को बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के साथ संकà¥à¤šà¤¨ à¤à¥€ हो सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के हर महीने में अलग वजह से होती है थकान, जानिठराहत पाने के तरीके
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को जलà¥â€à¤¦à¥€ थकान हो सकती है, इनमें दिनà¤à¤° में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की कमी रहती है या काम पर धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने में à¤à¥€ दिकà¥â€à¤•त होती है। हालांकि, समय के साथ यâ€à¤¹ ठीक हो जाता है।
हर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी अलग होती है और कà¥à¤› महिलाओं को बहà¥à¤¤ आसानी से थकान हो सकती है जबकि हो सकता है कि कà¥à¤› महिलाओं को हमेशा थकान महसूस न हो। हर महिला में थकान का कारण अलग होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की हर तिमाही में थकान का कारण अलग हो सकता है। जानिठकैसे :
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ नामक हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ तेजी से बढ़ता है। ये पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ लेवल को कम कर देता है।
शरीर में आयरन की कमी या लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ के कम होने के कारण à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में थकान हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही में थकान चली जाती है लेकिन कà¥à¤› महिलाओं को तीसरी तिमाही तक थकान रह सकती है।
दूसरी तिमाही में कà¥à¤› महिलाओं को बार-बार पेशाब आने की शिकायत रहती है। इस वजह से रात में बार-बार नींद टूटती है और सà¥à¤¬à¤¹ उठने पर थकान रहती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के इन आखिरी तीन महीनों में वजन बढ़ जाता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार à¤à¥€ फैलने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में घर के मामूली काम करने में à¤à¥€ दिकà¥â€à¤•त आती है और महिलाà¤à¤‚ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जलà¥â€à¤¦à¥€ थक जाती हैं।
गरà¥à¤ में बढ़ रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खून और पोषण की जरूरत होती है। इस वजह से à¤à¥€ आखिरी महीनों में थकान बढ़ जाती है।
इसके अलावा मेटाबोलिजà¥â€à¤® बढ़ने, तनाव, दरà¥à¤¦, अनिदà¥à¤°à¤¾, बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° या किसी अनà¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण à¤à¥€ तीसरे सेमेसà¥â€à¤Ÿà¤° में थकान हो सकती है।
जीवनशैली में कà¥à¤› बदलाव करने से थकान को दूर करने में मदद मिल सकती है, जैसे कि :
हलà¥â€à¤•े वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे कि पैदल चलना। योग और धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ से à¤à¥€ मदद मिल सकती है।थकान को दूर करने के लिठदिन में à¤à¤ªà¤•ी जरूर लें।शरीर में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बनाठरखने के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लें और खूब पानी पिà¤à¤‚।गैर-जरूरी या तनावपूरà¥à¤£ कारà¥à¤¯ करने से बचें।आरामदायक पोजीशन में सोने की कोशिश करें। (यह à¤à¥€ पढ़ें : जानिठकिस करवट आà¤à¤—ी आपको Pregnancy में बेहतर नींद)गैर-पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें और कैफीन का सेवन न करें। इसकी बजाय पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार लें और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ शराब से दूर रहें।
इस मामले में आपको अपने शरीर की बात सà¥à¤¨à¤¨à¥€ चाहिà¤à¥¤ अगर दोपहर में नींद आ रही है तो à¤à¤ªà¤•ी जरूर लें। सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤• खाने का मन कर रहा है तो कà¥à¤› हेलà¥â€à¤¦à¥€ खा लें। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में थकान को दूर करने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ आराम करना à¤à¥€ जरूरी है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में होने वाली थकान का असर गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠपर नहीं पड़ता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में शरीर में आठबदलावों की वजह से ही थकान होती है और इसे लेकर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंता करने की जरूरत नहीं है।
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को कब दिखाà¤à¤‚
अगर आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही या गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो रही है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚। गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में असà¥â€à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाà¤à¤‚।
पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जटिलताà¤à¤‚
अगर आपको पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† है तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° निमà¥â€à¤¨ तरह की गंà¤à¥€à¤° जटिलता के जोखिम को कम करने के लिठमां और बचà¥â€à¤šà¥‡ को मॉनिटर करते हैं।
बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग : गंà¤à¥€à¤° बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग डिलीवरी के बाद के कà¥à¤› घंटों, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान जानलेवा साबित हो सकती है।
पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® लेबर : यदि बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो तो नौ महीने से पहले ही सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨ की मदद से पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® लेबर करवाया जाता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के हर महीने में अलग वजह से होती है थकान, जानिठराहत पाने के तरीके
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को जलà¥â€à¤¦à¥€ थकान हो सकती है, इनमें दिनà¤à¤° में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की कमी रहती है या काम पर धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने में à¤à¥€ दिकà¥â€à¤•त होती है। हालांकि, समय के साथ यâ€à¤¹ ठीक हो जाता है।
हर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी अलग होती है और कà¥à¤› महिलाओं को बहà¥à¤¤ आसानी से थकान हो सकती है जबकि हो सकता है कि कà¥à¤› महिलाओं को हमेशा थकान महसूस न हो। हर महिला में थकान का कारण अलग होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की हर तिमाही में थकान का कारण अलग हो सकता है। जानिठकैसे :
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ नामक हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ तेजी से बढ़ता है। ये पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ लेवल को कम कर देता है।
शरीर में आयरन की कमी या लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ के कम होने के कारण à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में थकान हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही में थकान चली जाती है लेकिन कà¥à¤› महिलाओं को तीसरी तिमाही तक थकान रह सकती है।
दूसरी तिमाही में कà¥à¤› महिलाओं को बार-बार पेशाब आने की शिकायत रहती है। इस वजह से रात में बार-बार नींद टूटती है और सà¥à¤¬à¤¹ उठने पर थकान रहती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के इन आखिरी तीन महीनों में वजन बढ़ जाता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार à¤à¥€ फैलने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में घर के मामूली काम करने में à¤à¥€ दिकà¥â€à¤•त आती है और महिलाà¤à¤‚ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जलà¥â€à¤¦à¥€ थक जाती हैं।
गरà¥à¤ में बढ़ रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खून और पोषण की जरूरत होती है। इस वजह से à¤à¥€ आखिरी महीनों में थकान बढ़ जाती है।
इसके अलावा मेटाबोलिजà¥â€à¤® बढ़ने, तनाव, दरà¥à¤¦, अनिदà¥à¤°à¤¾, बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° या किसी अनà¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण à¤à¥€ तीसरे सेमेसà¥â€à¤Ÿà¤° में थकान हो सकती है।
जीवनशैली में कà¥à¤› बदलाव करने से थकान को दूर करने में मदद मिल सकती है, जैसे कि :
हलà¥â€à¤•े वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे कि पैदल चलना। योग और धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ से à¤à¥€ मदद मिल सकती है।थकान को दूर करने के लिठदिन में à¤à¤ªà¤•ी जरूर लें।शरीर में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बनाठरखने के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लें और खूब पानी पिà¤à¤‚।गैर-जरूरी या तनावपूरà¥à¤£ कारà¥à¤¯ करने से बचें।आरामदायक पोजीशन में सोने की कोशिश करें। (यह à¤à¥€ पढ़ें : जानिठकिस करवट आà¤à¤—ी आपको Pregnancy में बेहतर नींद)गैर-पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें और कैफीन का सेवन न करें। इसकी बजाय पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार लें और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ शराब से दूर रहें।
इस मामले में आपको अपने शरीर की बात सà¥à¤¨à¤¨à¥€ चाहिà¤à¥¤ अगर दोपहर में नींद आ रही है तो à¤à¤ªà¤•ी जरूर लें। सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤• खाने का मन कर रहा है तो कà¥à¤› हेलà¥â€à¤¦à¥€ खा लें। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में थकान को दूर करने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ आराम करना à¤à¥€ जरूरी है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में होने वाली थकान का असर गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠपर नहीं पड़ता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में शरीर में आठबदलावों की वजह से ही थकान होती है और इसे लेकर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंता करने की जरूरत नहीं है।
पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† का इलाज
पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† के इलाज के लिठकोई मेडिकल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट या सरà¥à¤œà¤°à¥€ उपलबà¥â€à¤§ नहीं है लेकिन इसमें होने वाली बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग को रोकने के लिठकई विकलà¥â€à¤ª हैं।
कम बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने पर : इसमें डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° आराम करने और सेकà¥â€à¤¸ à¤à¤µà¤‚ à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ जैसी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ करने के लिठमना करते हैं। बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग शà¥à¤°à¥‚ होते ही डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को इस बारे में सूचित करें।
जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने पर : गंà¤à¥€à¤° बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने पर खून चढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है। इसमें पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के 36वें हफà¥à¤¤à¥‡ के बाद जितना जलà¥â€à¤¦à¥€ हो सके सिजेरियन डिलीवरी करवानी पड़ती है। यदि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के 37वें हफà¥à¤¤à¥‡ से पहले डिलीवरी करवानी पड़े तो शिशॠके फेफड़ों को ठीक तरह से विकसित करने के लिठडॉकà¥â€à¤Ÿà¤° कोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ देते हैं।
जब बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग न रà¥à¤•े: यदि बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग कंटà¥à¤°à¥‹à¤² न हो रही हो या शिशॠपर दबाव पड़ रहा हो तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में तà¥à¤°à¤‚त सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨ डिलीवरी (शिशॠके पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° होने पर à¤à¥€) की जरूरत पड़ती है।
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